House Of Ten Including Former Mp, Former Minister Of State Sealed – पूर्व सांसद, पूर्व राज्यमंत्री सहित दस के मकान सील


पूर्व सांसद लालमणि के आवास के बाहर रखे सामान।
– फोटो: BASTI

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पूर्व सांसद, पूर्व राज्य मंत्री सहित दस के मकान सील
बत्तीसी। लंबे समय से जिला पंचायत के भवनों में रहे बसपा के पूर्व सांसद लालमणि, पूर्व राज्य मंत्री रामकरन आर्य के अलावा अन्य अन्य लोगों के मकानों को प्रशासन ने खाली करा दिया था। इस बीच भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारी सावधान रहे।
शुक्रवार को अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस बल विकास भवन के समीप पूर्व सांसद लालमणि प्रसाद के आवास को खाली कराया जा रहा है। इस बीच पूर्व सांसद ने मकान के बारे में अपनी कई दलीलें दीं, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।
उनके भवन को खाली करा दिया गया। इसी तरह की कार्रवाई सपा सरकार के कार्यकाल में राज्यमंत्री रहे रामकरन आर्य के मकान के अलावा बाकी के भवनों पर की गई। यहां से निकलने के बाद प्रशासनिक अमला नार्मल स्कूल के बगल स्थित जिला पंचायत के आवासों को खाली कराने पहुंच गए। यहां भी प्रशासन और पुलिस के आगे लोगों की एक न चली।
इस बारे में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्रा ने कहा कि शासन के निर्देश के आदेश में कार्रवाई की गई है। सभी को नोटिस दिया गया था।
बसपा के पूर्व सांसद लालमणि प्रसाद ने कहा कि वह पिछले 26 वर्षों से जिला पंचायत के भवन में रह रहे हैं। जुलाई 2021 तक अनुबंध भी है। जनवरी 2021 तक का किराया भी जमा है, जिसके बाद भी यह कार्रवाई कर दी गई है, जो नियम विरुद्घ है।
पूर्व में सपा की सरकार के दौरान राज्यकर रहे रामकरन आर्य के बेटे विजय विक्रम आर्य ने प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बताया। कहा कि यह गैरकानूनी है। कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई करने में पक्षपात किया है। कहा कि सरकार अनुसूचित जाति विरोधी है। हम एसपी के सिपाही हैं, संघर्ष करते रहेंगे।

पूर्व सांसद, पूर्व राज्य मंत्री सहित दस के मकान सील

बत्तीसी। लंबे समय से जिला पंचायत के भवनों में रहे बसपा के पूर्व सांसद लालमणि, पूर्व राज्य मंत्री रामकरन आर्य के अलावा अन्य अन्य लोगों के मकानों को प्रशासन ने खाली करा दिया था। इस बीच भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारी सावधान रहे।

शुक्रवार को अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस बल विकास भवन के समीप पूर्व सांसद लालमणि प्रसाद के आवास को खाली कराया जा रहा है। इस बीच पूर्व सांसद ने मकान के बारे में अपनी कई दलीलें दीं, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।

उनके भवन को खाली करा दिया गया। इसी तरह की कार्रवाई सपा सरकार के कार्यकाल में राज्यमंत्री रहे रामकरन आर्य के मकान के अलावा बाकी के भवनों पर की गई। यहां से निकलने के बाद प्रशासनिक अमला नार्मल स्कूल के बगल स्थित जिला पंचायत के आवासों को खाली कराने पहुंच गए। यहां भी प्रशासन और पुलिस के आगे लोगों की एक न चली।

इस बारे में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्रा ने कहा कि शासन के निर्देश के आदेश में कार्रवाई की गई है। सभी को नोटिस दिया गया था।

बसपा के पूर्व सांसद लालमणि प्रसाद ने कहा कि वह पिछले 26 वर्षों से जिला पंचायत के भवन में रह रहे हैं। जुलाई 2021 तक अनुबंध भी है। जनवरी 2021 तक का किराया भी जमा है, जिसके बाद भी यह कार्रवाई कर दी गई है, जो नियम विरुद्घ है।

पूर्व में सपा की सरकार के दौरान राज्यमंत्री रहे रामकरन आर्य के बेटे विजय विक्रम आर्य ने प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बताया। कहा कि यह गैरकानूनी है। कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई करने में पक्षपात किया है। कहा कि सरकार अनुसूचित जाति विरोधी है। हम एसपी के सिपाही हैं, संघर्ष करते रहेंगे।





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