Moonlight, Ramadan Begins, First Rosa Today – चांद दिखा, रमजान शुरू, पहला रोजा आज


ख़बर सुनना

चांद दिखा, रमजान शुरू, पहला रोजा आज
नगर बाजार (बस्ती)। चांद के दीदार के साथ ही रमजान के पाक महीने की शुरूआत हो गई है। बुधवार को पहला रोजा होगा। वहीं, इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से रमजान की सभी इबादतें घरों में ही की जाएगी। मस्जिद में सिर्फ पांच लोग ही नमाज अदा करेंगे।
मुस्लिम समुदाय में पाक रमजान महीने का बहुत महत्व है। लोग 29 या 30 दिन रोजे रखते हैं और कुरआन पढ़ते हैं। हर दिन पांच बार नमाज अदा की जाती है। इसके अलावा रमजान के महीने में रात के समय एक विशेष नमाज पढ़ी जाती है, जिसे तरावीह कहते हैं। इन दिनों में लोग अल्लाह से अपने गुनाहों के लिए माफी मांगते हैं। मुस्लिम समाज के लोग रमजान के महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस महीने अल्लाह अपने बंदों को अनिश्चितुमार रहमतों से नवाजता है और जहन्नुम (नर्क) के दरवाजे बंद करके जन्नत (स्वर्ग) के दरवाजे खोल देता है। नगर बाजार जामा मस्जिद के इमाम हाफिज नूर आलम ने बताया कि सिर्फ भूके-प्यासे रहने का नाम ही रोजा नहीं है, बल्कि रोजा रखने वालों को कई बातों का ध्यान रखना होता है। उसे झूठ न बोलना, बुरा न सुनना, गलत काम न करना, किसी की बुराई और चुगली नहीं होनी चाहिए। खुद को पूरी तरह से पाक रखना होता है।
उन्होंने बताया कि सूर्योदय से पहले सहरी होती है। इसके बाद बिना अन्न जल ग्रहण किए दिन भर रोजा रखे जाते है और शाम को इबारत करते हैं। हाफिज नूर आलम ने लोगों से अपील की है कि इस बार भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों से पूरी दुनिया परेशान है। ऐसे में सिर्फ पांच लोग ही मस्जिद में नमाज अदा करेंगे। बाकी लोग अपने घरों पर ही रहकर नमाज और तिलावत करेंगे। उन्होंने सरकार की ओर से दिए गए निर्देश का सभी से पालन करने की अपील की। हाफिज नूर आलम ने बताया कि बुधवार को पहले रोजा रहेगा।

चांद दिखा, रमजान शुरू, पहला रोजा आज

नगर बाजार (बस्ती)। चांद के दीदार के साथ ही रमजान के पाक महीने की शुरूआत हो गई है। बुधवार को पहला रोजा होगा। वहीं, इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से रमजान की सभी इबादतें घरों में ही की जाएगी। मस्जिद में सिर्फ पांच लोग ही नमाज अदा करेंगे।

मुस्लिम समुदाय में पाक रमजान महीने का बहुत महत्व है। लोग 29 या 30 दिन रोजे रखते हैं और कुरआन पढ़ते हैं। हर दिन पांच बार नमाज अदा की जाती है। इसके अलावा रमजान के महीने में रात के समय एक विशेष नमाज पढ़ी जाती है, जिसे तरावीह कहते हैं। इन दिनों में लोग अल्लाह से अपने गुनाहों के लिए माफी मांगते हैं। मुस्लिम समाज के लोग रमजान के महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस महीने अल्लाह अपने बंदों को अनिश्चितुमार रहमतों से नवाजता है और जन्ननुम (नर्क) के दरवाजे बंद करके जन्नत (स्वर्ग) के दरवाजे खोल देता है। नगर बाजार जामा मस्जिद के इमाम हाफिज नूर आलम ने बताया कि सिर्फ भूके-प्यासे रहने का नाम ही रोजा नहीं है, बल्कि रोजा रखने वालों को कई बातों का ध्यान रखना होता है। उसे झूठ न बोलना, बुरा न सुनना, गलत काम न करना, किसी की बुराई और चुगली नहीं होनी चाहिए। खुद को पूरी तरह से पाक रखना होता है।

उन्होंने बताया कि सूर्योदय से पहले सहरी होती है। इसके बाद बिना अन्न जल ग्रहण किए दिन भर रोजा रखे जाते है और शाम को इश्वर करते हैं। हाफिज नूर आलम ने लोगों से अपील की है कि इस बार भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों से पूरी दुनिया परेशान है। ऐसे में सिर्फ पांच लोग ही मस्जिद में नमाज अदा करेंगे। बाकी लोग अपने घरों पर ही रहकर नमाज और तिलावत करेंगे। उन्होंने सरकार की ओर से दिए गए निर्देश का सभी से पालन करने की अपील की। हाफिज नूर आलम ने बताया कि बुधवार को पहले रोजा रहेगा।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

User~Online 42
Sitemap | AdSense Approvel Policy|